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अर्जुन की छाल से करे शरीर की सभी बीमारियों को जड़ से ख़त्म, और पाए एक स्वस्थ जीवन……..

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जानिए किस तरह उपयोगी है अर्जुन की छाल

“Hello Friends” आयुर्वेद में आपका एक बार से बहुत बहुत स्वागत है। दोस्तों आज हम आपको बताएगे शरीर के लिए किस तरह उपयोगी है अर्जुन की छाल। अर्जुन एक औषधीय पौधा है। जो भारत में आसानी से कही पर भी मिल जाता है। इसे बहुत सारे नामों जैसे घवल कुकुभ, नदीसर्ज अर्जन, कोहु अरजान आदि नामो से जाना जाता है। आयुर्वेद में अर्जुन के पेड़ के फल और छाल को औषधीय रूप में प्रयोग में लाया जाता है इसमें ऐसे बहुत से पोषक तत्व होते है जो हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते है। साथ ही शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करते है

अर्जुन की छाल का ज्यादातर उपयोग हृदय सम्बंधित बीमारियों से निजात पाने के लिए किया जाता है। इसके उपयोग हार्ट अटैक, स्ट्रोक, बड़े हुए कोलोस्ट्रोल की मात्रा को कम करने में तथा ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। साथ ही अर्जुन की छाल शरीर की अन्य बीमारियों जैसे पेट की बीमारिया, मोटापा बढ़ना, मधुमेह, कैंसर, पेशाब में रुकावट, सूजन, मुँह के छालों तथा त्वचा के रोगो को दूर करने में भी किया जाता है। तो चलिए दोस्तों जानते है अर्जुन की छाल का उपयोग किन किन बीमारियों में किस तरह किया जाता है।

 

हृदय रोग में अर्जुन की छाल की उपयोग

अर्जुन का छाल का उपयोग हृदय सम्बंधित किसी भी बीमारी को दूर करने के लिए किया जा सकता है यह माशपेशियों को मजबूती प्रदान करके हमारे हृदय को भी मजबूत बनता है। अर्जुन की छाल के उपयोग से हृदय के अनियमित धड़कन, सूजन तथा स्ट्रोक के खतरे के साथ साथ हार्ट अटैक को भी रोका जा सकता है इन सब बीमारियों से बचने के लिएअर्जुन की छाल और जंगली प्याज को समान मात्रा में लेकर इसका चूर्ण तैयार कर ले अब इस चूर्ण का रोजाना आधा चम्मच सेवन करे। इससे हार्ट से जुडी किसी भी बीमारी से राहत मिलेगी। और इसके उपरोग से ब्लॉकेज हुई नस्से भी खुल जाएगी। हृदय के रोगियों के लिए अर्जुनारिष्ट का सेवन काफी लाभदायक होता है इसके उपयोग से रक्त की शुध्दि भी होती है।



मधुमेह के रोगियों के लिए अर्जुन की छाल

दोस्तों मधुमेह के रोगियों के लिए अर्जुन की छाल अमृत के समान मानी जाती है। मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा की मात्रा बढ़ने के साथ साथ इन्सुलिन की कमी हो जाती है। हालाँकि अभी तक यह पाया गया की मधुमेह का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसे नियंत्रित तो किया जा सकता है जो कि अर्जुन कि छाल के द्वारा सम्भव है इसके लिए अर्जुन कि छाल और जामुन का चूर्ण समान मात्रा में लेकर इनको मिला ले। अब आधा चम्मच चूर्ण रोजाना रात को सोते समय गुनगुने पानी में मिलकर पिए। इससे आपका मधुमेह नियंत्रण में आ जायेगा।

 

मोटापे के छुटकारा पाने के लिए अर्जुन कि छाल

दोस्तों बढ़ता हुआ मोटापा हर किसी व्यक्ति कि परेशानी है हर कोई व्यक्ति इससे छुटकारा पाना चाहता है इसके लिए आप अर्जुन की छाल का सेवन कर सकते है यह आपके शरीर में बड़ी हुई वसा की मात्रा को कम कर देती है साथ ही अर्जुन का छाल मेटाबोलिजम को भी मजबूत बनती है जिससे की मोटापा बढ़ना कम हो जाता है मोटापे को कम करने के लिए आप अर्जुन की छाल का काढ़ा सुबह और शाम दोनों समय पी सकते है इसके लगातार एक महीना सेवन से आपका बड़ा हुआ मोटापा कम होने लगेगा।

 

स्तन कैंसर को रोकने में सहायक

अर्जुन की छाल में कासुआर्निन नामक तत्व पाए जाते है जो कि स्तन कैंसर के विषाणुओं की वृद्धि को रोकने में मदद करते है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट गुण इसे और अधिक प्रभावी बनाते है। जिन महिलाओं को स्तन कैंसर की शिकायत होती है उनके लिए अर्जुन छाल का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है। स्तन कैंसर को रोकने के लिए आप अर्जुन का छाल को गर्म दूध में मिलाकर इसका सेवन कर सकते है ध्यान रहे दोस्तों इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना ना भूले।

 

चेहरे के दाग धब्बो को साफ़ करने और गोरा निखार पाने में सहायक

चेहरे की सुंदरता बढ़ाने और चेहरे के दाग धब्बो, झुर्रियों, छाइयो को दूर भगाने के लिए भी अर्जुन की छाल का उपयोग किया जाता है इसके लिए अर्जुन की छाल के उबटन को इस्तेमाल किया जाता है। इस उबटन को तैयार करने के लिए अर्जुन की छाल, बादाम, हल्दी और कपूर को थोड़ी थोड़ी मात्रा में लेकर पीस ले अब इस तैयार हुए पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाए इससे इससे पके चेहरे का रंग साफ़ भी हो जाएगा और आपके दाग धब्बे भी दूर हो जायेगे।

 

खांसी से राहत पाने के लिए अर्जुन की छाल

पुरानी से पुरानी खांसी को ख़त्म करने में भी अर्जुन की छाल काफी सहायक है। खांसी को ख़त्म करने के लिए अर्जुन के छाल को सुखाकर इसका चूर्ण बना ले। अब इस चूर्ण में अडूसा के पतों का रस निकालकर मिला ले। अब इस तैयार हुई औषधि को किसी शीशी में डालकर रख ले। दोस्तों अब इस पेस्ट का रोजाना आधा छोटा चमंकाः सेवन करे। ऐसा करने से आपकी पुरानी से पुरानी खांसी 15 दिन के अंदर ख़त्म हो जाएगी।

 

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में अर्जुन की छाल






दोस्तों अर्जुन की छाल का उपयोग बड़े हुए ब्लड प्रेशर और Bad कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के लिए भी किया जाता है। Bad कोलेस्ट्रॉल लेवल हमारे शरीर में रक्त के प्रवाह को कम कर देता है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है। इसको नियंत्रित करने के लिए बह अर्जुन की छाल का उपयोग किया जाता है। इसके लिए आप अर्जुन की छाल को पानी में उबाल कर इसका काढ़ा बनाकर पी सकते है।

 

पेशाब की रूकावट को दूर करने के लिए अर्जुन की छाल

मूत्र सम्बन्धी किसी भी रोग से छुटकारा पाने में भी अर्जुन की छाल काफी लाभकारी है इसके आलावा यह मेषाब में झाग आना और गुर्दे की पथरी को भी निकलने में मदद करती है इसके लिए अर्जुन की छाल को पीसकर एक गिलास पानी में उबालकर इसका काढ़ा बनाकर पिने से मूत्र सम्बन्धी रोगो से छुटकारा मिल जाता है साथ ही अर्जुन की छाल रक्त को साफ़ करके हमारे गुर्दो को ख़राब होने से भी बचाती है।

 

दातो को मजबूत बनाने में अर्जुन की छाल

अर्जुन छाल में बाँधनेवाला गुण होते है जो कि मसूढ़ो में खून बहने की समस्या को प्रभावी ढंग से दूर करते है। साथ ही हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी को भी पूरा करती है जिससे की हमारे दांतो में कोई भी प्रॉब्लम नहीं आती। अर्जुन की छाल के इससे गुण के कारण इसको टूथपेस्ट के अवयवों में भी शामिल किया जाता है।

तो दोस्तों ये थे अर्जुन की छाल के उपयोग जिनका उपयोग करके आप अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है।

 

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