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अस्थमा के इलाज में रामबाण है ये घरेलु उपाय

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अस्थमा के इलाज में रामबाण है ये घरेलु उपाय

“नमस्कार दोस्तों” आयुर्वेद में आप सभी का स्वागत है। दोस्तों आज हम कुछ ऐसे घरेलु उपाय बताएंगे जिनसे आप दमा यानि अस्थमा की बीमारी को कम कर सकते है। दोस्तों अस्थमा एक साँस की बीमारी है जिसमे रोगी को साँस लेने में दिक्कत होती है। ये बीमारी फेफड़ों से जुडी है जो एक बार किसी को हो जाये तो आजीवन उसके साथ रहती है। आज के समय में ना सिर्फ बुजुर्ग बल्कि युवा भी इसके शिकार होते जा रहे है। दमा में सांस लेने व निकालने में परेशानी होती है। खांसी के ज्यादा होने और साँस की नली में कफ़ जमा हो जाने से तकलीफ़ ओर भी ज्यादा बढ़ जाती है। अस्थमा का अटैक पड़ने पर रोगी बुरी तरह हांफ़ने लगता है। यह बीमारी व्यक्ति को पूरी उम्र नहीं छोड़ती ओर इसमें सांस लेने में भी बहुत तकलीफ होती है। दमा को पूरी तरह से ठीक करना मुश्किल है, लेकिन इस पर नियंत्रण हो सकता है, ताकि व्यक्ति सामान्य जीवन जी सके।

आज हम आपको अस्थमा को ठीक करने के कुछ ऐसे घरेलु उपाय बताएंगे जिन्हे अगर आप रोजाना अपनाते है तो इस बीमारी को कुछ हद तक ठीक कर सकते है और सुखी जीवन व्यतीत कर सकते है। तो चलिए जानते है उन घरेलु नुस्खों के बारें में



पीपल के पत्ते

दोस्तों अस्थमा को ठीक करने के लिए आप पीपल के पत्तों का उपयोग कर सकते है। पीपल के पेड़ को हिन्दू धर्म में देवता मानकर इसकी पूजा की जाती है और यही पेड़ लाखों गुणों का भी खजाना है जो साँस की बीमारी को भी ठीक करता है। अस्थमा को ठीक करने के लिए आप इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते है। इसके लिए पीपल के 8 – 10 पत्ते लेकर उन्हें एक गिलास पानी में पकाकर पिए। इससे फेफड़ों में जमा कफ निकल जायेगा और अस्थमा की बीमारी धीरे धीरे ठीक होने लगेगी। इसलिए आप अस्थमा होने पर पीपल के पत्तों का इस्तेमाल जरूर करे।

अदरक

अदरक एक ऐसी औषधि है जो शरीर की बहुत सी बीमारियों को दूर करती है। अस्थमा के रोगियों के लिए अदरक किसी रामबाण से कम नहीं है। आप अस्थमा होने पर अदरक के रस का सेवन करे या फिर आप इसका काढ़ा भी बनाकर पी सकते है काढ़ा बनाने के लिए 50 ग्राम अदरक का टुकड़ा लेकर उसे छिलके सहित कद्दूकस कर लें। फिर उसे एक गिलास पानी में पकाये और पानी के एक तिहाई रहने पर उसे आंच से उतारे और छानकर इसका सेवन करे। अदरक के इस काढ़े का सेवन आपको रोजाना दिन में एक बार करना है। अगर आप ऐसा करेंगे तो इससे अस्थमा की बीमारी ठीक होने में मदद मिलेगी।

शहद





साँस की बीमारियों को दूर करने के लिए शहद का उपयोग सदियों से किया जा रहा है आप अस्थमा यानि दमा होने पर भी इसका सेवन कर सकते है। इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले सेवन करे। ऐसा रोजाना करने से फेफड़ों से जुड़े सभी रोग दूर हो जायेंगे और अस्थमा की बीमारी से भी आपको निजात मिल जायेगा। इसलिए आप शहद का सेवन भी जरूर करे।

लहसुन का दूध

लहसुन एंटीसेप्टिक, एंटीबॉयोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है जो शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अस्थमा होने पर आप इसका सेवन कर सकते है। इसके लिए एक गिलास दूध में पांच कलियाँ लहसुन की पकाये और दूध आधा रहने पर उसे आंच से उतार लें। अब गर्म ही इसका सेवन करे। रोजाना इस प्रिक्रिया को दोहराये। अगर आप रोजाना लहसुन वाले दूध का सेवन करते है तो इससे भी अस्थमा को ठीक किया जा सकता है आप लहसुन की दो कलियों में एक चम्मच शहद मिलाकर उसका भी सेवन कर सकते है वो भी आपके लिए फायदेमंद होगा।

मेथी दाना

मेथी दाने से भी अस्थमा के रोगी को काफी फायदा होता है। इसके लिए आप एक चम्मच मेथी दाने को एक कप पानी में उबालें। फिर ठंडा होने पर उसमें अदरक का एक चम्मच ताजा रस और स्वादानुसार शहद मिलाएं। सुबह -शाम नियमित रूप से इसका सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है। यह आपके वजन को घटाने में भी काफी कारगर होता है।

अजवाइन





अस्थमा का इलाज करने के लिए आप अपनी दिनचर्या के आहार में अजवाइन को शामिल कर सकते है। आप रोजाना आधा चम्मच अजवाइन को एक गिलास छाछ के साथ ले सकते है। या फिर एक चम्मच अजवाइन रात को सोते समय एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस पानी को पकाकर खाली पेट इसका सेवन करे। ऐसा करने से अस्थमा से आपको राहत मिलेगी। अजवाइन श्वसन मार्ग से बलगम को बाहर निकलने में मदद करती है और खांसी से राहत दिलाती है। जिससे अस्थमा के रोगी को साँस लेने में दिक्कत नहीं होती और धीरे धीरे अस्थमा भी ठीक होने लगता है।

तो दोस्तों ये थे वो घरेलु उपाय जिनसे आप अस्थमा की बीमारी को ठीक कर सकते है और अपने शरीर को स्वस्थ और तंदरुस्त बना सकते है।

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