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इन घरेलु नुस्खों के मात्र 15 दिन उपयोग से पाए अस्थमा से हमेशा के लिए छुटकारा और फिर जीवन में कभी नहीं आएगा अस्थमा अटैक

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इन घरेलु नुस्खों का उपयोग दिलाएगा अस्थमा अटैक से हमेशा के लिए छुटकारा

“हैल्लो फ्रैंड्स” आयुर्वेद में आपका स्वागत है। दोस्तों अस्थमा स्वस्थ संबंधी एक गंभीर बीमारी है जिसका प्रभाव न केवल हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन पर भी अपना गलत प्रभाव डालता है। दमा फेफड़ों की ऐसी बीमारी होती है जिसके कारण व्यक्ति को साँस लेने में कठिनाई होती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब श्वास नलियों में सूजन होकर श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है और इससे श्वास लेने में और भी ज्यादा कठिनाई होती है। श्वसन संबंधी यह समस्या कभी−कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है। अस्थमा को ठीक करने के लिए आप दवाई का सेवन तो करते ही होंगे लेकिन कुछ प्राकृतिक उपचार करने से अस्थमा अटैक को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यदि आप अस्थमा के शुरुवाती लक्षणो पर ध्यान देते है तो इसे कण्ट्रोल करना कोई मुश्किल काम नहीं है। तो चलिए दोस्तों जानते है अस्थमा के लक्षणो के बारें

अस्थमा के लक्षण

बार-बार खाँसी अऊर बहुत जोर जोर से खांसी आना।
साँस लेते समय सीटी की आवाज आना।
छाती में जकड़ाहट तथा भारीपन।
बार बार साँस फूलना।
खाँसी के समय कठिनाई होना और कफ न निकल पाना।
गले का अवरूद्ध एवं शुष्क होना।
बेचैनी होना।




अस्थमा को ठीक करने के घरेलु उपाय

शहद

श्वास संबंधी बीमारियों ठीक करने के लिए शहद बहुत ही अच्छा माना जाता है। यह सबसे पुराना और प्राकृतिक उपचार है। शहद गले से कफ हटाने में काफी मदद करता है। और श्वास सम्बंदि रोगो को दूर करने के काम करता है। इसके लिए गिलास गर्म पानी लेकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उसका धीरे−धीरे सेवन करें। आप दिन में दो बार इस प्रिक्रिया को कर सकते है। इसके आलावा यदि आप रात को सोते समय एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर उसे चाट लें। तो इससे भी अस्थमा को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

हल्दी

अस्थमा के इलाज के लिए आप हल्दी पाउडर का उपयोग कर सकते है। यह आपको अस्थमा से छुटकारा दिलाने में बहुत मदद करती है। इसके लिए रोजाना दिन में दो बार एक गिलास पानी में एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाकर उसका सेवन करें। करीब पंद्रह दिनों तक इस उपचार को लगातार करें। हल्दी एक बेहतरीन एंटीमाइक्रोबॉयल एजेंट है। जो अस्थमा से लड़ने में मददगार है।

अदरक

कफ को दूर करने के लिए अदरक का उपयोग बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। खांसी जुखाम को ठीक करने के लिए आप अदरक का सेवन कर सकते है। यह अस्थमा के इलाज के लिए भी सहायक माना जाता है। इसके लिए अदरक को कद्दूकस करके उसे एक गिलास गर्म पानी में डालकर अच्छे से पकाये। जब पानी अच्छे से पक जाये और उसमें से अदरक की अच्छी खुशबू आने लगे। तो पानी को आंच से उठाकर छान लें। अब हल्का ठंडा होने पर पानी में एक चम्मच शहद मिलाये और इसे पी ले। रोजाना इस औषधि का दिन में कम से कम एक बार सेवन करें। इससे आपको अस्थमा से जल्दी ही निजात मिल जायेगा।




अजवाइन

अस्थमा का इलाज करने के लिए आप अपनी दिनचर्या के आहार में अजवाइन को शामिल कर सकते है। आप रोजाना आधा चम्मच अजवाइन को एक गिलास छाछ के साथ ले सकते है। यह श्वसन मार्ग से बलगम को बाहर निकलने में मदद करती है और खांसी से राहत दिलाती है। जिससे अस्थमा के रोगी को साँस लेने में दिक्कत नहीं होती और धीरे धीरे अस्थमा भी ठीक होने लगता है।

अंजीर

श्वसन रोग से छुटकारा पाने के लिए आप अंजीर का सेवन कर सकते है। यह कफ को ठीक करके जमे हुए बलगम को बाहर निकलने में मदद करता है। इसके लिए 3 – 4 अंजीर को रात में पानी में भिगोकर रख दें। अब सुबह ख़ाली पेट इन्हे पानी से निकालकर खा लें और वो अंजीर वाला पानी भी पी लें ऐसा रोजाना करने से आप अस्थमा से छुटकारा पा सकते है।

तो दोस्तों ये थे बहुत ही आसान से घरेलु उपाय जिनके उपयोग से आप किसी भी प्रकार से श्वसन रोग से मात्र 15 दिन में छुटकारा पा सकते है और अपने शरीर को बीमारियों से बचाकर स्वस्थ और तंदरुस्त रख सकते है।

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