Recent Updates
Home / Black Salt / डायबिटीज (शुगर) का काल है ये आयुर्वेदिक चूर्ण……………

डायबिटीज (शुगर) का काल है ये आयुर्वेदिक चूर्ण……………

Share this now

“मधुमेह को दूर भगाए आओ ऐसा आयुर्वेदिक चूर्ण बनाये”……!

 

नमस्कार दोस्तों ! जैसा की आप सभी जानते है कि आज के समय में बीमारियां बढ़ती जा रही है । आज लोगो की संख्या बढ़ने के साथ साथ बीमारियां भी बढ़ती जा रही है या फिर हम ये भी कह सकते है कि लोगो कि संख्या से ज्यादा बीमारिया बढ़ती जा रही है  ।इनमे से कई बीमारियां ऐसी है जो आज हर दूसरे व्यक्ति  को हो रही है । इनमे से ऐसी ही एक बीमारी है “डायबिटीज”। डायबिटीज को ही मधुमेह कहा जाता है ।आज डायबिटीज होना एक  आम बात है । आज स्थिति ऐसी हो गई है कि डायबिटीज अधिक उम्र के लोगो में ही नहीं बल्कि युवा और बच्चो को भी अपनी चपेट में ले रहा है ।




“डायबिटीज एक मीठा जहर है, जो आदमी को धीरे -धीरे ख़त्म करता है……

चूर्ण को बनाने से पहले आइये थोड़ा सा डायबिटीज के बारे में जानकारी ले लेते है  कि डायबिटीज होता क्या है और यह कैसे किसी व्यक्ति को अपनी चपेट में लेता है ।यह एक ऐसी  खतरनाक बीमारी  है, जो शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर देती  है। एक बार यह बीमारी हो जाए तो जीवनभर इसका साथ रहता है।जब हमारे शरीर  में ब्लड शुगर बढ़ जाता है तो यह बीमारी होती है ।

ब्लड शुगर बढ़ने के कारण शरीर में इन्सुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता है  और हम डायबिटीज की चपेट में आ जाते है। अगर हम डायबिटीज पर ध्यान न दे तो इसके कारण हमारे शरीर के कई अन्य अंगो पर पर भी प्रभाव पड़ता है और हमे कई प्रकार कीसमस्याओ का सामना करना  पड़ सकता है ।






आइये अब जानते है की किस प्रकार हम डायबिटीज जैसे खतरनाक बीमारी को कुछ हद तक कम कर सकते है ।आयुर्वेद एक ऐसा मंत्र है जो हर प्रकार की बीमारी को दूर कर सकता है । इसके लिए हम आपको एक ऐसी आयुर्वेदिक चूर्ण के बारे में बताएंगे जो आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होगी जिससे आप बिना किसी डॉक्टरी दवाई के डायबिटीज को नियंत्रित कर पाएंगे।

चूर्ण बनाने के लिए आवश्यक चीजें

  • नीम के पते 100 ग्राम
  • जामुन 150 ग्राम
  • मेथी दाना 150 ग्राम
  • सतावर 50 ग्राम
  • मेथी पता 120 ग्राम
  • मेथी चम्पा 120 ग्राम
  • करेला 150 ग्राम
  • गिलोय 100 ग्राम
  • शुद्ध शिलाजीत 10 ग्राम
  • बेलगिरी 100 ग्राम
  • चिरायता 50 ग्राम
  • नीम निमोली 100 ग्राम
  • काला नमक 50 ग्राम
  • अश्वगन्धा 50 ग्राम
  • गुड़मार बूटी 100 ग्राम
  • बेलगिरी पत्ता 100 ग्राम

चूर्ण बनाने व सेवन करने की विधि

आपने जो भी सामग्री ली है सबसे पहले उसे अच्छे से साफ कर ले और उसके बाद उसे पीस कर किसी भी कांच के बर्तन में भर कर रख ले ।अब आप इस चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ आधा-2 चम्मच सुबह, दोपहर व शाम को नियमित रूप से ले । आप इसका रोज प्रयोग करेंगे  तो आप अपने शुगर लेवल को नियंत्रण में रख सकते है ।यह एक आयुर्वेदिक औषधि है जिससे  किसी भी प्रकार का साइड इफ़ेक्ट होने का खतरा नहीं है ।




अगर आपको ये जानकारी पसंद आई हो तो इसे अधिक से अधिक शेयर करे ताकि अगर कोई भी व्यक्ति  इस बीमारी से परेशान है तो वो इसका फायदा उठा सके ।

 

Check Also

चिकनगुनिया और मलेरिया जैसे जानलेवा बुखार का काल है इस आयुर्वेदिक औषधि की सिर्फ तीन खुराक

Share this nowचिकनगुनिया जैसे खतरनाक बुखार का काल है ये औषधि………. हैलो दोस्तों ! आज …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »