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दीवाली पर लक्ष्मी और गणेश की ऐसी नई मूर्ती भूलकर भी न खरीदें नहीं तो घर में हो जाएगा भारी नुकसान और आ जाएगी दरिद्रता व नकारात्मकता

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दीवाली पर नई मूर्ति लेते समय इन बातो का रखे ध्यान…………..

जय माता दी ! दोस्तों दीवाली का त्यौहार हमारे देश में बड़े ही चाव और हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है ।ये त्यौहार एक धर्म में ही नहीं बल्कि सभी धर्मो में मनाया जाता है ।इस त्यौहार को शक्ति और साधना का प्रतीक माना जाता है।धर्म कोई भी हो लेकिन इस सभी लोगो के मन में ख़ुशी और प्रेम का दीपक जलता है।लोग घरो में साफ सफाई करते है ।दीवाली वाले दिन घरो में कई तरह के पकवान बनाये जाते है ।






दीपावली की रात गणेश व लक्ष्मी के साथ कुबेर महाराज की भी पूजा करें। कुबेर देवताओं के खजांची माने जाते हैं। दीपावली में लक्ष्मी माता के साथ भगवान विष्णु की भी पूजा होती है।हर साल मूर्ति बदलने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। कई लोग इसे मंदिर में मूर्ति बदलने का एक अवसर मानते हैं तो कुछ लोग लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति की पूजा को धर्म से जोड़ते हैं। लेकिन शास्त्रों में कहीं भी नई मूर्ति की पूजा से जुड़ी बातें देखने को नहीं मिली हैं। पुराने समय में सिर्फ धातु और मिट्टी की मूर्तियों का ही चलन था। धातु की मूर्ति से ज्यादा मिट्टी की मूर्ति की पूजा होती थी। जो हर साल खंडित और बदरंग हो जाती थी। लेकिन अब इसको धर्म और पुरानी मान्यताओ से जोड़ा जाता है और लोग इनका पालन भी करते है । इसलिए दीवाली पर हर साल लक्ष्मी और गणेश की नई मूर्ति की पूजा की जाती है । दीवाली पर पूजा के लिए नई मूर्ति खरीदने से घर में शुभता आती है।मूर्ति खरीदते समय हमे कई बातो का ध्यान रखना चाहिए जिससे हमे माँ का आशीर्वाद मिल सके ।


लक्ष्मी की मूर्ति खरीदते समय रखें ध्यान

  • कभी भी लक्ष्मी मां की ऐसी मूर्ति न लेकर आएं जिसमें वो खड़ी हों। ऐसी मूर्ति को लक्ष्मी मां के जाने की मुद्रा में तैयार माना जाता है।

 

  • लक्ष्मी मां की ऐसी मूर्ति न खरीदें जिसमें मां लक्ष्मी उल्लू पर विराजमान हों। ऐसी मूर्ति को काली लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।

 

  • लक्ष्मी माता की ऐसी मूर्ति ऐसी लेनी चाहिए जिसमें वो कमल पर विराजमान हों। उनका हाथ वरमुद्रा में हो और धन की वर्षा करता हो।

गणेश की मूर्ति खरीदते समय रखें ध्यान

 





  • गणेश जी की मूर्ति में उनके वाहन मूषक की उपस्थिति अनिवार्य है।

 

  • गणेश की मूर्ति में उनकी सूंड बाएं हाथ की तरफ मुड़ी होनी चाहिए। दायीं तरफ मुड़ी हुई सूंड शुभ नहीं होती है। सूंड में दो घुमाव भी न हों।

 

  • मूर्ति खरीदते समय हमेशा गणेश जी के हाथ में मोदक वाली मूर्ति खरीदें। ऐसी मूर्ति सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।

 

  • सोने, चांदी, पीतल या अष्टधातु की मूर्ति खरीदने के साथ क्रिस्टल के लक्ष्मी-गणेश की पूजा करना शुभ होता है।

तो अगर आप भी माँ लक्ष्मी और गणेश जी की कृपा पाना चाहते है तो मूर्ती लेते वक्त इन बातो का ध्यान रखे और दीवाली पूजा भी पुरे विधि – विधान से करे ।

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आप सभी को दीवाली की बहुत- बहुत शुभकामनाएँ !!!

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