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ये पांच भयंकर बीमारियाँ जो डॉक्टर की दवा से भी नहीं हुई ठीक रोजाना एक भुट्टे का सेवन कर देगा इनको हमेशा के लिए जड़ से ख़त्म…

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सिर्फ एक भुट्टे का सेवन कर देगा शरीर की सभी बीमारियों को जड़ से ख़त्म

“Hello Friends” आयुर्वेद में आपका स्वागत है। दोस्तों आज हम बात करेंगे मक्की के दानो के फायदों की। दोस्तों बारिश का मौसम हो और ठंडी हवा के साथ आती भुने हुए मकई या भुट्टा की महक किसे नहीं लुभाती। मॉनसून में भुट्टे को चाव से खाने वालों की कमी नहीं है। बेशक, आपको भुट्टे का स्वाद पसंद है, लेकिन क्या आप इस मोटे अनाज के चमत्कारी फायदों के बारे में जानते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस अनाज में कई गंभीर से गंभीर बीमारियों का हल छिपा है। यदि आप इनके बारे में जान जाओ गए तो जो लोग इस अनाज से जी चुराते हैं, वो इसके फायदे जानने के बाद इसे खाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे।

दोस्तों मक्का यानि भुट्टे का वैज्ञानिक नाम ‘जी-मेज’ है। इसकी गिनती मोटे अनाजों में की जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-सी, मैग्नीशियम, विटामिन-बी जैसे पोषक तत्व भारी मात्रा में पाए जाते है साथ ही यह फाइबर का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। भुट्टा में पाए जाने वाला फाइबर ब्लड प्रेशर, शुगर और पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें वसा की बहुत ही कम मात्रा होती है इसलिए यह शरीर में फैट को नहीं बढ़ाता। तो चलिए दोस्तों जानते है ऐसे कौन कौन से रोग है जो भुट्टे को खाने से जड़ से ख़त्म हो जाते है।

डायबिटीज

दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मकई या भुट्टा डायबटीज को नियंत्रित करने में कारगर साबित होता है। एक शोष के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि पर्पल कॉर्न में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ा देते हैं। इस तरह यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकता है। वहीं, अन्य प्रकार के कॉर्न को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि वो डायबटीज को कंट्रोल कर सकते हैं या नहीं।

वजन कम करने में सहायक है भुट्टा

बहुत से लोगों का मानना है मोटे अनाज के सेवन से मोटापा बढ़ता है। लेकिन यह कहना बिलकुल गलत होता कि मक्के के सेवन से मोटापे बढ़ता है। इसमें वसा बहुत कम मात्रा में पाई जाती है जो फैट के बढ़ने का मुख्य कारण होता है। इसमें पाई जाने वाली फाइबर शरीर में वसा के स्तर को बढ़ने नहीं देती साथ ही मक्की के सेवन भूख भी नहीं लगती जिससे मोटापा कण्ट्रोल में रहता है ।

आंखों के लिए

मकई में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट आंखों की रोशनी को बचाए रखने में लाभकारी साबित होते हैं। मुख्यतः यह देखने में आया है कि उम्रदराज लोगों में कुछ यौगिकों की कमी की वजह से आंखों की नसों में शिथिलता आती है। इससे कम दिखाई देने या अंधेपन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन यदि समय रहते मोटे अनाजों का सेवन किया जाए आँखों में होने वाली समस्या से छुटकारा पाया जा सकते है। आँखों कि रौशनी बढ़ने के लिए मक्की का सेवन काफी लाभदायक माना जाता है।

आयरन की कमी को पूरा करने में सहायक

कई बीमारियों के निदान में सहायक भुट्टा शरीर में आयरन की कमी को भी पूरा करने का काम करता है। जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती और कमजोरी भी नहीं आती इसका नियमित सेवन करने वाले लोगों को आयरन की कमी से होने वाली गंभीर समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। एक जाँच के अनुसार यह सिद्ध किया गया की मक्के का सेवन करने वाले लोगों में किसी भी प्रकार की आयरन की कमी नहीं पाई गयी।

कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण

मक्के में बहुत से ऐसे पोषक तत्व पाए जाते है तो हृदय सम्बन्धी बीमारियों से निजात दिलाते है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व बढे हुए बेड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाते है। जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बहुत ही कम हो जाता है।

तो दोस्तों थे मकई यानि भुट्टे को खाने के फायदे, अगर आप भी इसका सेवन करते है तो आप भी बहुत सी ऐसी बीमारियों से बचे रह सकते है और स्वस्थ जीवन जी सकते है।

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