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शरीर की सभी बीमारियों को मिनटों में जड़ से ख़त्म कर देगी ये आयुर्वेदिक औषधि और शरीर में भर देगी नया जोश और स्फूर्ति और शरीर का कर देगी ऐसा कायाकल्प की आप देखते रह जाएंगे………

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अमृत के समान है इस औषधि का सेवन जो करेगी शरीर की सभी बीमारियों का जड़ से नाश

हैल्लो फ्रेंड्स! आयुर्वेद में आपका स्वागत है। आज हम आपको ऐसी औषधि के बारे में बताएंगे शरीर की सभी बीमारियों का जड़ से नाश करके आपकी शरीर में स्फूर्ति पैदा कर देगी। दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है की प्रकृति की गोद में ऐसी हजारों लाखों औषिधियाँ है जो हमारे स्वास्थ्य को बनाये रखती है। हमारे शरीर में नई ऊर्जा का संचार करती है। उन्ही औषधियों में से एक औषधि है गिलोय बेल।

आयुर्वेद के अनुसार अधिकांश मनुष्य वात विकारों से पीड़ित होते हैं और गिलोय के फायदे में गिलोय के रस और पत्तियों में वात विकारों को दूर करने की गुणकारी औषधि होती है। इसको कई नामों से जाना जाता है जैसे अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी, आदि। साधारण सी दिखने वाली गिलोय में आयुर्वेदिक औषधीय गुण होते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद का ज्ञान रखने वाले लोग गिलोय का शरीर की बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए करते हैं। गिलोय के फायदे मधुमेह को नियंत्रित करने, पाचन को सुधारने, अस्‍थमा का इलाज करने, गठिया का उपचार करने, आंखों को स्‍वस्‍थ्‍य रखने और कैंसर के लक्षणों को कम करने के लिए होते हैं। गिलोय का उपयोग इसके तने के रस को निकलकर किया जाता है इसका रस कड़वा और कसैला होता है। गिलोय की तासीर गर्म होती है गिलोय का पौधा अपने गुणों के कारण वात, पित्त और कफ से जुड़ी विभिन्न बीमारियों को ठीक करती है। गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसे दवाइयों में भी शामिल किया जाता है तो चलिए दोस्तों जानते है गिलोय बेल से शरीर को क्या क्या स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते है।

पाचन के लिए गिलोय बेल

दोस्तों पेट संबंधी किसी भी बीमारी को गिलोय की बेल के उपयोग से आसानी से जड़ से ख़त्म क्या जा सकता है। गेलोए में ऐसे एंटीबॉयोटिक गुण पाए जाते है पेट में बीमारियों को बढ़ने नही देते पाचन संबंधी बीमारी को भी गिलोय से ठीक किया जा सकता है। अगर पेट में गैस हो जाती है या पाचन ठीक से नहीं हो रहा है कब्ज, एसिडिटी किसी भी प्रकार की समस्या को गिलोय के बेल द्वारा ठीक किया जा सकता है। ऐसे में आप गिलोय की बेल के पाउडर में आंवले का पाउडर मिलकर खा सकते है। इससे आपका पाचन काफी हद तक ठीक हो जायेगा।

 

बुखार में गिलोय के फायदे

किसी भी प्रकार के बुखार को ठीक करने के लिए गिलोय बहुत ही ज्यादा असरदार होती है इसलिए इसे बुखार कम करने वाली आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है| गिलोय को शहद के साथ लेने से मलेरिया का बुखार भी दूर हो जाता है|चिकनगुनिया जैसे वायरल बुखार के ठीक होने के बाद भी मरीज महीनों तक जोड़ों के दर्द से परेशान रहते है इस स्थिति में गिलोय की पत्तियों से बना काढ़ा लाभ करता है | इसमें 10-20 मि.ली. अरंडी के तेल को मिलाकर पीने से और भी लाभ मिलता है।

बवासीर में गिलोय के फायदे

पाचन समस्‍या को दूर करने के साथ ही बवासीर का इलाज भी गिलोय बेल से किया जा सकता है। एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों से भरपूर गिलोय बवासीर की सूजन और दर्द से भी राहत दिला सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस का नियमित सेवन करना लाभकारी होता है। आप इसके पॉवडरर को भी पानी में मिलकर पी सकते है।

खांसी में गिलोय के फायदे

कितनी भी पुरानी से पुरानी खांसी हो उसका भी इलाज गिलोय बेल से किया जा सकता है। खांसी को ठीक करने के लिए रोजाना दो चम्मच गिलोय के रस को पिया जा सकता है। यह आपको तब तक करना है जब तक खांसी ठीक नहीं हो जाती इसके उपयोग से साँस सम्बन्धी बीमारिया भी ठीक हो जाती है।

मधुमेह में गिलोय के फायदे

डायिबिटीज भारत जैसे देशों में एक आम समस्‍या बन चुकी है। पुरानी से पुरानी डायबिटीज का इलाज है गिलोय बेल गिलोय बेल की सहायता से डायबिटीज पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है। गिलोय रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए यह जड़ी बूटी मधुमेह रोगीयों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। गिलोय विशेष रूप से मधुमेह प्रकार 2 का प्रभावी इलाज कर सकता है। मधुमेह रोगियों को अपने रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने के लिए रोजाना खली पेट एक गिलास गिलोय जूस का सेवन कर चाहिए।

तनाव कम करने में गिलोय के फायदे

तनाव न केवल व्‍यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी हानिकारक है। यदि आप तनाव से छुटकारा चाहते हैं तो गिलोय जूस का उपयोग कर सकते हैं। गिलोय के रस में ऐसे पोषक तत्व होते हैं। जो मानिसक तनाव और चिंता आदि को कम करने में मदद करता है। नियमित रूप से गिलोय रस का सेवन शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर करने में सहायक होता है। इसके अलावा मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने के लिए भी गिलोय को अन्‍य जड़ी बूटीयों के साथ उपयोग किया जाता है।

अस्‍थमा में गिलोय के फायदे

साँस संबंधी समस्याओ का इलाज भी गिलोय के द्वारा किया जा सकता है। इन्ही में शामिल है अस्थमा की समस्या। अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जिसमे व्यक्ति को साँस लेने में परेशानी होती है। अस्‍थमा के कारण सीने में जकड़न, सांस लेने में दिक्‍कत, खांसी, आवाज में घरघराहट आदि की समस्‍या हो सकती है। अस्‍थमा जैसी गंभीर समस्‍या के लिए गिलोय का प्रयोग फायदेमंद होता है। इस बीमारी को दूर करने के लिए गिलोय की जड़ को चबाने या इस जड़ का रस पीने के फायदा होता है।

त्वचा के लिए गिलोय के फायदे

लम्बे समय तक त्वचा को जवान बनाये रखने में भी गिलोय बेल बहुत ही लाभकारी होती है। चेहरे से जुडी समस्याओ को दूर करने के लिए आप गिलोय का उपयोग कर सकते है। चेहरे पर हुए कील मुहांसे, छाइयो और कमजोरी के कारण आँखों के नीचे आये हुए काले धब्बो को दूर करने के लिए रोजाना गिलोय का रस पीना चाहिए। यदि किसी को एक्जिमा की शिकायत है तो उसमे भी गिलोय बहुत ही लाभकारी होती है। दाद पर यदि आप गिलोय के पत्तो को कूटकर लगाते है तो इससे दाद से छुटकारा मिलेगा और साथ ही खुजली से भी राहत मिल जाएगी।

आँखों के लिए गिलोय बेल

जैसा की आप सभी जानते है की आज छोटे से छोटे बच्चे से लेकर हर बड़े व्यक्ति को आँखों संबंधी कोई न कोई समस्या जरूर रहती है। आजकल बहुत ही कम उम्र के बच्चो को ही चश्मे लग जाते है। समय से पहले व्यक्ति को मोतियाबिंद का सामना करना पड़ता है। टीवी ज्यादा देखने के वजय से आँखों से पानी बहना आदि समस्या पैदा हो गयी है इन सभी समस्याओ का इलाज आप गिलोय से कर सकते है। इन सभी समस्याओ से छुटकारा पाने के लिए आप गिलोय के रस को अपनी आँखों पर लगा सकते है या फिर आप गिलोय के पाउडर को पानी में उबालकर उसे ठंडा करके भी पलकों पर लगा सकते है। इससे आपकी आँखों की दृष्टि कमजोर नहीं होगी।

 

गठिया में गिलोय के फायदे

जोड़ो के दर्द से छुटकारा पाने के लिए गिलोय बेल से ज्यादा असरदार कोई दूसरी औषधि नहीं है। गिलोय में पाए जाने वाले पोषक तत्व हड्डियों को मजबूती प्रदान करते है। गठिया एक ऐसी गंभीर बीमाती के रूप में जानी जाती है जिसमे शरीर के जोड़ वाले हिस्‍सों में दर्द और सूजन होती है। गठिया के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप गिलोय के तने को सुखा कर पाउडर बना लें। इसके बाद इस पाउडर को दूध के साथ उबालकर सेवन करें। यह गठिया के इलाज में अहम योगदान देता है। इस तरह से आप भी गिलोय का सेवन कर गठिया का उपचार कर सकते हैं।

मोटापे को कम करने के लिए

मोटापे से छुटकारा पने के लिए भी आप गिलोय का इस्तेमाल कर सकते है यह शरीर में जमा चर्बी को कम करने में आपको सहायता करती है। गिलोय के लगातार सेवन से शरीर में वसा नहीं बढ़ती और मेटाबोलिस्म भी मजबूत बनता है जिससे मोटापा बढ़ने के लक्षण बहुत ही कम हो जाते है।

तो दोस्तों ये थे शरीर की सभी बीमारियों को जड़ से ख़त्म करने का सिर्फ एक चमत्कारिक नुस्खा, जिसके उपयोग से आप अपने शरीर को सभी बीमारियों से बचाकर तंदरुस्त रख सकते है।

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