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अमृत के समान है पुनर्नवा का सेवन, जो करें शरीर की सभी बीमारी का जड़ से नाश और बनाए शरीर को स्वस्थ और तंदरुस्त…..!

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एक ऐसी औषधि जो कर देगी शरीर की सभी बीमारियों का जड़ से नाश और रखेगी आपको सालों साल जवान….!

नमस्कार दोस्तों आयुर्वेद में आपका एक बार फिर से स्वागत है दोस्तों आज हम बात करेंगे पुनर्नवा के औषधीय गुणों के बारे में जो आपके शरीर को एक नया जीवन प्रदान करेंगे। दोस्तों प्रकृति की गोद में ऐसी बहुत सी जड़ी बूटियाँ और औषधियां पाई जाती है। जो स्वास्थ्य को और भी बेहतर बनाकर शरीर को नया जीवन प्रदान करती है। उनी औषषियो में से एक औषधि है पुनर्नवा।

पुनर्नवा भी हमारी सेहत में सुधर करके आयु बढ़ने में मदद करता है। पुनर्नवा का पौधा बरसात के मौसम में अधिक उगता है। यह खेतो में खरपतवार की तरह अपने आप ही उग जाता है। अधिकांश घरो में इसका उपयोग खाना बनाने में और बीमारियों का उपचार करने में किया जाता है। यह स्वाद में कड़वा तीखा कसेला और खारा होता है। अंग्रेज़ी में इसे Hogweed के नाम से भी जाना जाता है। अन्य भाषाओं में इसे शोथघ्नी, विशाख, श्वेतमूला, दिर्घपत्रिका, शशिवाटिका, चिराटका, लाल पुनर्नवा, सांठ, गदहपूरना आदि के नाम से जाना जाता है। यह एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होता है जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और रोगो को बढ़ने से रोकता है। और किडनी के रोगियों के लिए विशेष रूप से काम करता है। साथ ही कैंसर जैसी भयानक बीमारी के इलाज के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। तो चलिए दोस्तों जानते है पुनर्नवा का उपयोग किन किन बीमारियों में किस तरह किया जाता है।

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किडनी रोगियों के लिए पुनर्नवा

दोस्तों पुनर्नवा ही एक ऐसी जो किडनियों को नव जीवन प्रदान करती है। पुनर्नवा के सेवन से फ़ैल हुई किडनी भी दोबारा काम करने लगती है। किडनी के रोगियों के लिए पुनर्नवा का सेवन अमृत के समान माना गया है। यह शरीर के सभी अपशिष्ट पदार्थो को बाहर निकलने तथा मूत्र की मात्रा को बढ़ने में भी सहायक होता है। पुनर्नवा के सेवन से ब्लड यूरिया और क्रिएटिनिन की मात्रा को कण्ट्रोल में रखा जा सकता है। इसलिए जितना ज्यादा हो सके किडनी के रोगियों को पुनर्नवा का सेवन करना चाहिए।

 

बढ़ते हुए मोटापे के लिए पुनर्नवा

दोस्तों बढ़ते हुए मोटापे के समस्या को लेकर हर कोई परेशान रहता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप पुनर्नवा का सेवन कर सकते है। पुनर्नवा मोटापे को कण्ट्रोल करने में बहुत अहम् भूमिका निभाता है। इसका उपयोग वजन कम करनी वाली लगभग सभी दवाइयों में किया जाता है। यह आयुर्वेदिक औषधि पोटेशियम को नियंत्रित रखते हुए मूत्र की मात्रा को बढाती है। और शरीर के सभी अपशिष्ट और तरल पदार्थो को बहार निकालने का काम करती है और वजन को नियंत्रित रखती है इस प्रकार पुनर्नवा मोटापे को कम करने में सहायक होता है।

कैंसर के रोगियों के लिए पुनर्नवा

कैंसर के रोगियों के लिए पुनर्नवा का सेवन बहुत ही उपयोगी माना गया है। इसके सेवन से कैंसर बढ़ाने वाली कोशिकाओं के फूलने की शक्ति कमजोर हो जाती है पुनर्नवा कैंसर विरोधी जड़ी बूटी मानी जाती है। पुनर्नवा का सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ता है जिससे शरीर में बीमारियों के बढने का खतरा कम हो जाता है।

मधुमेह के रोगियों के लिए पुनर्नवा

जैसा की आप सभी जानते है कि पुनर्नवा स्वाद में कड़वा, तीखा और खारा होता है। यह डायबिटीज जैसी बीमारी को ख़त्म करने के लिए बहुत ही आसान उपाय है। डायबिटीज में रोगियों में इन्सुलिन हार्मोन के पूर्ण स्त्रवन न होने के कारण रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है जिससे गैंग्रीन जैसी बीमारी बढ़ना शुरू हो जाती है। ऐसे में यदि पुनर्नवा के काढ़े का सेवन सुबह शाम किया जाये तो यह रक्त शर्करा को कम करके डायबिटीज को कम करने में सहायक होता है।

शरीर को जवान बनाये रखने के लिए पुनर्नवा

पुनर्नवा के उपयोग लम्बे आरसे तक शरीर को जवान बनाये रखने के लिए भी किया जाता है। यह हमारी त्वचा को एक सुन्दर चमक प्रदान करता है। आयुर्वेद के अनुसार इसका उपयोग शरीर को बढ़ापे से बचाये रखता है। अगर पुनर्नवा की जड़ का 2 चम्मच रस रोजाना पिया जाये तो ये नई ताजगी और फुर्ती भर देता है और और शरीर काफी समय तक जवान बना रहता है।

आँखों के लिए पुनर्नवा का उपयोग

दोस्तों आज के समय में बच्चो से लेकर बड़ो तक सभी को आँखों सम्बन्धी कोई ना कोई समस्या तो रहती ही है। इन समस्याओ से निजात पाने के लिए भी पुनर्नवा का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है। आँखों के फूल जाने या सूजन आ जाने पर पुनर्नवा की जड़ को घिसकर उसे देसी घी में मिलाकर आँखों पर लगाने से सूजन में आराम मिलता है। इसकी जड़ो की पीसकर घी या शहद में मिलाकर आँखों में लगाने से खुजली और आँखों से पानी आने की समस्या दूर हो जाती है। मोतियाबिंद के रोगियों के लिए भी पुनर्नवा का उपयोग बहुत ही गुणकारी सिद्ध होता है। इसकी जड़ो को पानी में मिलाकर पीसकर आँखोंपर लगाने के मोतियाबिंद ख़त्म हो जाता है।

 

पीलिये के रोगियों के लिए पुनर्नवा का उपयोग

दोस्तों पीलिये में हमारी आँखों और शरीर पर पीलापन आ जाता है साथ ही बुखार, कमजोरी और मूत्र में पीलापन जैसी समस्ये हो जाती है। ऐसे में पुनर्नवा का सेवन किया जाये तो पीलिये को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है पुनर्नवा के पंचांग जैसे जड़, फूल, पत्ते, बीज, और छाल को पीसकर इसका चूर्ण मिलाकर शहद में मिलाकर खाने से पीलिये में आराम मिलता है। साथ ही पुनर्नवा की जड़ का काढ़ा बनाकर रोजाना पिने से भी पीलिये में आराम मिलता है।

अस्थमा के रोगियों के लिए पुनर्नवा का उपयोग

अस्थमा जैसी साँस की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए भी पुनर्नवा बहुत उपयोगी है। थोड़ी सी पुनर्नवा की जड़ में हल्दी मिलाकर इसका एक पाउडर बना ले। इस पाउडर का दिन में दो बार गुनगुने की के साथ सेवन करने से अस्थमा में आराम मिलता है। पुनर्नवा की सुखी पत्तियों का उपयोग भी अस्थमा के लिए लाभदायक होता है पुनर्नवा की पत्तियों में अदरक का रस और काली मिर्च मिलाकर इसका काढ़ा बनाकर पिने से अस्थमा में बहुत जल्दी आराम मिलता है।

त्वचा रोग के लिए पुनर्नवा का उपयोग

त्वचा सम्बन्धी किसी भी रोग से छुटकारा पाने के लिए पुनर्नवा अमृत के समान माना गया है। इसके उपयोग से त्वचा के सभी रोग बहुत जल्दी गायब हो जाते है। त्वचा के सभी प्रकार के रोगो का इलाज पुनर्नवा की जड़ पीसकर उसमे तेल मिलाकर मालिश करने से किया जा सकता है यह रक्त को शुद्ध रखता है। और त्वचा को युवा बनाये रखता है पुनर्नवा की जड़ का पानी त्वचा की एलर्जी और चकत्ते आदि के इलाज के लिए भी उपयोग किया जाता है।

गठिया रोग में पुनर्नवा का उपयोग

किसी भी प्रकार के जोड़ो के दर्द से राहत पाने के लिए भी पुनर्नवा का उपयोग बहुत ही लाभदायक होता है। यदि पुनर्नवा की जड़ में थोड़ा सा अदरक और थोड़ा सा कपूर मिलाकर इसका सिर्फ सात दिन सेवन किया जाये तो किसी भी प्रकार के गठिया रोग से छुटकारा पाया जा सकता है। पुनर्नवा का पौधा हमारी मासपेशियो को मजबूत बनाये रखता है इसलिए यह गठिया के रोग में भी बहुत उपयोगी होता है।

पेट सम्बन्धी बीमारियों को दूर करने में

पुनर्नवा पेट सम्बन्धी बीमारियों जैसे कब्ज, गैस, पेट दर्द, एसिडिटी आदि किसी भी बीमारी के उपचार के लिए बहुत अच्छी औषधि के रूप में कार्य करती है। यह भूख को बढाती है तथा हमारे इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनती है इसलिए पुनर्नवा की जड़ का रस रोजाना पीना चाहिए।

तो दोस्तों ये थे पुनर्नवा के फायदे जिनके उपयोग से आप अपने शरीर को स्वस्थ और तंदरुस्त रख सकते है। पुनर्नवा जैसी औषधि मानव शरीर की हर बीमारियों का काल है इसलिए इसका सेवन शरीर को स्वस्थ बनाये रखता है।

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